शुक्रवार, 1 अप्रैल 2011

फागुन लायो मस्त बहार

फागुन लायो मस्त बहार ,
डालो सबपे रंग गुलाल |
तन भी रंगें मन भी रंगे ,
भर जाए हर मन में प्यार |
हर और उड़ता रंग गुलाल ,
चलने लगी मस्त बयार |
बढा हाथ मैं लेके रंग ,
देखो सजनी करे मनुहार |
रंग के उसकी चुनर गुलाबी ,
हम भी करेंगे अबकी इज़हार |
अबकी फागुन सब ऐसे खेलो ,
पिचकारी से निकले प्यार |

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