शुक्रवार, 1 अप्रैल 2011

फ़तह हिन्दुस्तान क़ी

बुलंदी को आज हम छू लेंगे,
फ़तह हिन्दुस्तान क़ी कर लेंगे,
खिलेंगे चेहरे बजाके डंका,
ढेर हो जाएगी पूरी लंका,
सचिन क़ी तमन्ना होगी पूरी,
मुरली क़ी आस रहेगी अधूरी

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