कुम्पसिंह सॉलंकी....
तहसील-सांचोर, जिला-जालोर (ऱाज़.)-343041
मंगलवार, 10 मई 2011
मोम के टुकड़े से छैनी टूट जाती है
कभी एक गर्म आँसू काट देता है चटानों को
कभी एक मोम के टुकड़े से छैनी टूट जाती है
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