मंगलवार, 10 मई 2011

सियासत से

बड़ा गहरा तअल्लुक़ है सियासत से तबाही का
कोई भी शहर जलता है तो दिल्ली मुस्कुराती है

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें